Monday, 30 May 2022 06:51 PM ये तो बताओ पापा ,क्यों छोड़कर चले गए । बिन बताए मुंह मोड़कर चले गए हमारी चाहत तो तुम्हे रंगे बिरंगे कपड़ो में देखनी की थी। क्यों सफेद चादर ओढ़कर चले गए । कितने सपने देखे थे पापा आपके लिए । कभी कहा नहीं आप सारे सपने तोड़कर चलेContinue reading

Friday, 10 Jun 2022 10:45 AM तै मटर मटर करत रहिथस , आथस हमर पारा। तोला बनाहु गोसैनिन , तोर भाई ल बनाहु सारा। अब हा कहिदे मोला गोरी , काबर के नईए कुछू तोर में चारा कतको टुरा ल देखत रहिथस , दिल म चल जाथे आरा । तै मटर मटर करत रहिथस ,Continue reading

Sunday, 12 Jun 2022 05:37 PM आज खाले किरिया संगी ,संग ल नहीं छोड़च मोर। कतको आही विपदा ह, फेर मुंह ल नई फेर च तोर, जिन्दगी ल संग बिताबो , दुख au सुख म । रखबे चाहे महल के भीतरी, चाहे कोनो रुख म। आज खाले किरिया संगवारी, छोड़च नहीं मोर साथ ल ।2Continue reading

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